[1]
“मधु आचार्य ‘आशावादी’ के हिन्दी उपन्यासों का शिल्प-विधान : एक आलोचनात्मक अध्ययन”, JASRAE, vol. 23, no. 4, pp. 156–173, July 2026, doi: 10.29070/rgxyn949.