[1]
“किरातार्जुनीयम् महाकाव्य में दुर्जन एवं सज्जन आचरण विवेचन: भारवि की किरातार्जुनीयम्: रचना, विषय और रसों का मनोरम वर्णन”, JASRAE, vol. 14, no. 1, pp. 959–966, Oct. 2017, Accessed: Nov. 06, 2026. Available: https://www.ignited.in/index.php/jasrae/article/view/7127