p-TSA-संशोधित TiO₂ नैनोकणों द्वारा उत्प्रेरित संशोधित ग्रोक-ब्लैकबर्न-बिएनायमे (GBB) अभिक्रिया के माध्यम से इमिडाज़ो[4,5-c]आइसोक्विनोलिन, इमिडाज़ो[4,5-c][2,7]नैफ्थिरीडीन तथा इमिडाज़ो[4,5-b]थिएनो[2,3-d]पाइरिडीन से स्पाइरोवलयित स्पाइरोक्सिंडोलों का संश्लेषण

Authors

  • अनामिका प्रजापति सहायक प्रोफेसर, रसायन विज्ञान विभाग, सरकारी विज्ञान महाविद्यालय, सीकर, राजस्थान Author
  • उमेश चेजारा व्याख्याता, भौतिकी विभाग, प्रधानमंत्री श्री एमजीजीएस जीनी, सूरजगढ़, झुंझुनू, राजस्थान Author

DOI:

https://doi.org/10.29070/pg2rg834

Keywords:

p-TSA-संशोधित TiO₂ नैनोकण, इमिडाज़ो[4,5-c]आइसोक्विनोलिन, इमिडाज़ो[4,5-c][2,7]नैफ्थिरीडीन, इमिडाज़ो[4,5-b]थिएनो[2,3-d]पाइरिडीन, ग्रोक-ब्लैकबर्न-बिएनायमे अभिक्रिया (GBB)

Abstract

मेरे शोध कार्य में p-TSA-संशोधित TiO₂ नैनोकणों द्वारा उत्प्रेरित एक प्रभावी संश्लेषणात्मक अभिक्रिया को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें ग्रोक-ब्लैकबर्न-बिएनायमे (GBB) अभिक्रिया के रूपांतरण द्वारा इमिडाज़ो[4,5-c]आइसोक्विनोलिन, इमिडाज़ो[4,5-c][2,7]नैफ्थिरीडीन तथा इमिडाज़ो[4,5-b]थिएनो[2,3-d]पाइरिडीन से स्पाइरोवलयित स्पाइरोक्सिंडोलों का संश्लेषण किया गया। यह अभिसारी संश्लेषणात्मक अभिक्रिया उच्च बंध-निर्माण दक्षता के साथ संरचनात्मक जटिलता एवं आणविक विविधता को एकल आणविक ढाँचे में समाहित करती है।

प्रस्तुत संश्लेषणात्मक विधि में 2-एमिनोबेंजोथायाज़ोल, साइक्लोहेक्सिल/तृतीयक ब्यूटिल आइसोसाइनाइड तथा एरोमैटिक/ विषमचक्रीय एरोमैटिक ऐल्डिहाइडों के मध्य आइसोसाइनाइड-आधारित ग्रोक-ब्लैकबर्न-बिएनायमे अभिक्रिया के पश्चात EtOH माध्यम में नाभिकिस्नेहि चक्रीकरण अभिक्रिया सम्पन्न की गई। जल को एक अत्यंत किफायती, सुरक्षित एवं अहानिकर हरित विलायक के रूप में प्रयुक्त किया गया। p-TSA-संशोधित TiO₂ नैनोकणों की पुनर्प्राप्ति एवं पुनः उपयोग की क्षमता संभावना इस संश्लेषणात्मक प्रोटोकॉल को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाती है।

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Published

2026-03-02