भोजन संबंधी भ्रांतियाँ एवं प्रतिरोधक क्षमता पर उनका प्रभाव: झांसी जनपद (बुंदेलखंड) की टहरौली एवं गरौठा तहसील की ग्रामीण महिलाओं का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.29070/85cc3606Keywords:
भोजन संबंधी भ्रांतियाँ, ग्रामीण महिलाएँ, पोषण, प्रतिरोधक क्षमता, पोषण जागरूकता, खान-पान की मान्यताएँ, झांसी, बुंदेलखंडAbstract
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य झांसी जनपद की टहरौली एवं गरौठा तहसीलों की ग्रामीण महिलाओं में प्रचलित भोजन संबंधी भ्रांतियों तथा प्रतिरोधक क्षमता पर उनके संभावित प्रभाव का अध्ययन करना है। साथ ही, महिलाओं की सामाजिक-जनांकिकीय विशेषताओं तथा पोषण संबंधी जागरूकता एवं खान-पान की मान्यताओं के बीच संबंध को समझने का प्रयास किया गया है। अध्ययन के लिए प्रश्नावली के माध्यम से प्राथमिक आंकड़े एकत्र किए गए तथा संबंधित पुस्तकों, सरकारी प्रतिवेदनों और अन्य उपलब्ध स्रोतों का भी उपयोग किया गया। अध्ययन में 400 महिला उत्तरदाताओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। परिणामों में महिलाओं की आयु, परिवार के आकार, शैक्षिक योग्यता, जाति तथा विवाह के समय आयु में विविधता पाई गई। अध्ययन से संकेत मिलता है कि सामाजिक एवं शैक्षिक परिस्थितियाँ ग्रामीण महिलाओं की पोषण संबंधी जागरूकता और खान-पान की मान्यताओं को समझने में महत्वपूर्ण हैं। अतः भोजन संबंधी भ्रांतियों को दूर करने, पोषण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रभावी पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेप विकसित करने की आवश्यकता है।
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